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पठानकोट जाने से पहले रवनीत बिट्टू के काफिले को घेरा, अंडे-टमाटर और पत्थर फेंकने का आरोप; 3 लोग पकड़े गए, AAP पर उठे सवाल

पठानकोट/बटाला: पंजाब में भारतीय जनता पार्टी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू होने से पहले शुक्रवार को राजनीतिक माहौल गरमा गया। बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री **रवनीत सिंह बिट्टू ने आरोप लगाया कि पठानकोट जाते समय बटाला के पास उनके काफिले को घेरकर विरोध किया गया और वाहनों पर अंडे, टमाटर तथा अन्य वस्तुएं फेंकी गईं। बिट्टू ने दावा किया कि उनकी सुरक्षा टीम ने तीन लोगों को पकड़ा है और आरोप लगाया कि इनमें से कुछ लोग आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए हैं। हालांकि, इन आरोपों को AAP की ओर से खारिज किया गया है।

रिपोर्टों के मुताबिक घटना घसीतपुरा गांव के पास, बटाला क्षेत्र में अमृतसर-पठानकोट हाईवे के आसपास हुई। बिट्टू उस समय बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पठानकोट जा रहे थे। बीजेपी की ओर से इस यात्रा को पंजाब में नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान के तौर पर पेश किया गया है।

काफिले पर क्या हुआ?

रवनीत बिट्टू के मुताबिक, उनका काफिला जब इलाके से गुजर रहा था, तभी लोगों के एक समूह ने रास्ते में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने उनके वाहनों को घेर लिया और अंडे, टमाटर तथा पत्थर जैसी वस्तुएं फेंकीं।

बिट्टू ने दावा किया कि इस घटना में उनके काफिले की दो एस्कॉर्ट गाड़ियों के शीशे टूटे, जबकि जैमर वाली गाड़ी को भी नुकसान पहुंचा। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, बिट्टू का काफिला करीब आठ से नौ वाहनों का था और घटना के दौरान रास्ता बाधित होने के कारण उनके आगे बढ़ने में भी परेशानी हुई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें धमकाया और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हुई। बिट्टू ने कहा कि उन्होंने मामले की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों को भी दी है और पंजाब सरकार से तत्काल जांच की मांग की है।

तीन लोगों को पकड़े जाने का दावा

बिट्टू के कार्यालय और विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक उनकी सुरक्षा टीम ने घटना के बाद तीन लोगों को पकड़ा। बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि ये लोग आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए थे और स्थानीय विधायक शैरी कलसी की ओर से उन्हें यात्रा में शामिल होने से रोकने के लिए भेजा गया था। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट में एक पकड़े गए व्यक्ति की पहचान अनमोल रंधावा के तौर पर बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक वह जिला परिषद सदस्य है और फतेहगढ़ चूड़ियां विधानसभा क्षेत्र के AAP हलका प्रभारी जोबन रंधावा का रिश्तेदार बताया गया है।

AAP ने आरोपों को बताया गलत

इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। AAP नेता जोबन रंधावा ने बिट्टू के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे।

NDTV के अनुसार, रंधावा ने आरोप लगाया कि विवाद की शुरुआत बिट्टू के समर्थकों की ओर से हुई। यानी घटना को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। ऐसे में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौके पर वास्तव में क्या हुआ और घटना में शामिल लोगों की भूमिका क्या थी।

बिट्टू ने सुरक्षा को लेकर क्या कहा?

रवनीत बिट्टू ने घटना के बाद अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। बिट्टू ने कहा कि यदि उन्हें कोई नुकसान होता है तो इसके लिए पंजाब के मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक को जिम्मेदार माना जाना चाहिए।

उन्होंने राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की।

पठानकोट से शुरू हुई ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’

यह विवाद बीजेपी की उस बड़ी यात्रा के दौरान सामने आया है, जिसे पार्टी ने पंजाब में नशे के मुद्दे पर जनजागरूकता अभियान के तौर पर शुरू किया है।

बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ 18 सितंबर से शुरू हुई है। पार्टी के कार्यक्रम के अनुसार चार यात्राएं पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से निकलकर राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेंगी और कुल मिलाकर करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी। अभियान का समापन 30 सितंबर को जालंधर में प्रस्तावित है।

पठानकोट से शुरू होने वाली यात्रा को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने हरी झंडी दिखाई। पार्टी के मुताबिक अभियान का उद्देश्य नशीली दवाओं के खिलाफ लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना और प्रभावित परिवारों से संवाद करना है।

नशे के मुद्दे पर BJP और AAP आमने-सामने

यात्रा को लेकर बीजेपी और AAP के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। बीजेपी ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं।

वहीं AAP ने बीजेपी की इस यात्रा को राजनीतिक कार्यक्रम बताया और केंद्र तथा बीजेपी के पुराने राजनीतिक कार्यकाल को लेकर सवाल उठाए हैं। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार AAP के पंजाब प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने यात्रा को ‘राजनीतिक नौटंकी’ बताते हुए बीजेपी से नशे के मुद्दे पर अपने पुराने कार्यकाल को लेकर सवाल किए।

अब पुलिस जांच पर नजर

रवनीत बिट्टू के काफिले पर कथित हमले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि घटना में वास्तव में कौन-कौन शामिल था और वाहनों को नुकसान कैसे पहुंचा। बिट्टू ने जहां AAP से जुड़े लोगों पर आरोप लगाए हैं, वहीं AAP ने इन आरोपों को खारिज किया है।

ऐसे में पुलिस की जांच, मौके के वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पकड़े गए लोगों से पूछताछ इस मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट कर सकती है। फिलहाल घटना को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।

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