जम्मू-कश्मीर: के किश्तवाड़ जिले में मचैल माता यात्रा मार्ग पर बुधवार को भीषण बादल फटने की घटना में अब तक 38 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 98 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। चोसोटी क्षेत्र में हुई इस प्राकृतिक आपदा ने कई घरों को नुकसान पहुंचाया और लकड़ी का पुल एवं पीएमजीएसवाई पुल क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में 75 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर
किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि चशोती इलाके में अचानक बाढ़ आ गई, जो मचैल माता यात्रा का प्रारंभिक बिंदु है। जिला प्रशासन, सेना, पुलिस, NDRF और SDRF की टीमें मौके पर राहत-बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नेताओं ने जताया शोक
इस दर्दनाक हादसे पर कई नेताओं ने शोक जताया—
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अरविंद केजरीवाल (आप राष्ट्रीय संयोजक) ने कहा कि हादसा बेहद दुखद है और जम्मू-कश्मीर में मौजूद आप कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्य में सहयोग करें।
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केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने किश्तवाड़ उपायुक्त से बात कर तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए और कहा कि जनहानि का आंकड़ा बड़ा हो सकता है।
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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने ट्वीट कर संवेदना जताई और सभी एजेंसियों को बचाव कार्य तेज करने का आदेश दिया।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और राहत कार्य की सफलता की कामना की।
विपक्षी नेता घटनास्थल पर
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता और स्थानीय विधायक सुनील कुमार शर्मा ने घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी की। उन्होंने कहा कि प्रशासन हरसंभव प्रयास कर रहा है और घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।
भारी नुकसान और चुनौतियां
इस आपदा में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। पुलों के टूटने से कई गांवों का संपर्क कट गया है। जलस्तर अभी भी ऊंचा होने के कारण राहत टीमों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है।


