उत्तर प्रदेश: में आज यानी मंगलवार को कांग्रेस पार्टी पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतरने जा रही है। बिजली कटौती, निजीकरण की बढ़ती प्रक्रिया और यूरिया खाद की गंभीर किल्लत को लेकर ‘हल्लाबोल प्रदर्शन’ का आयोजन किया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि यह प्रदर्शन प्रदेश के हर जिले, तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों पर आयोजित किया जाएगा, जहां पार्टी कार्यकर्ता सरकार को घेरते हुए ज्ञापन सौंपेंगे।
अजय राय ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, “जनता का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। अब वह दिन दूर नहीं जब लोग वोट की चोट से इस तानाशाही सरकार को उखाड़ फेंकेंगे।”
संगठन सृजन के जरिए पंचायत चुनाव से 2027 का बिगुल
कांग्रेस पार्टी ने पंचायत चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान करते हुए इसे 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी की शुरुआत बताया है। सोमवार को लखनऊ स्थित प्रदेश मुख्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय ने कहा कि संगठन सृजन केवल कार्यकारिणी गठन भर नहीं है, बल्कि यह एक प्रदेशव्यापी मिशन है, जिसका अंतिम लक्ष्य 2027 की सत्ता है।
15 अगस्त 2025 तक हर बूथ स्तर पर कार्यकारिणी गठित करने का लक्ष्य रखा गया है। संगठनात्मक शक्ति को धार देने के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को एकजुटता और सेवा का मंत्र पढ़ाया जा रहा है।
जोनवार बैठकें जारी – प्रदेशभर में कांग्रेस की रणनीति तेज
कांग्रेस संगठन सृजन अभियान के तहत जोनवार समीक्षा बैठकें भी तेज़ी से चल रही हैं:
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16 जुलाई: मेरठ (पश्चिम जोन)
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17 जुलाई: अलीगढ़ (ब्रज जोन), झांसी (बुंदेलखंड जोन), प्रयागराज (प्रयाग जोन), गोरखपुर (पूर्वांचल जोन)
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22 जुलाई: लखनऊ बैठक
इन बैठकों में कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक संरचना, पंचायत चुनाव की तैयारी और जनसंवाद के नए तरीके सिखाए जा रहे हैं।
कांग्रेस की मौजूदगी: वरिष्ठ नेता भी शामिल
लखनऊ में हुई बैठक में कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे जिनमें पूर्व सांसद पी.एल. पुनिया, ए.पी. गौतम, रविप्रकाश वर्मा, विधायक वीरेंद्र चौधरी, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और अनिल यादव शामिल रहे। इन सभी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से ज़मीन पर उतरने और जनता की आवाज़ बनने की अपील की।
निष्कर्ष:
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का यह व्यापक विरोध प्रदर्शन और संगठन सृजन अभियान एक स्पष्ट संकेत है कि पार्टी अब सत्ता के लिए सड़कों से लेकर बूथ तक कमर कस चुकी है। बिजली, खाद, और निजीकरण जैसे मुद्दों पर जनभावना को साधने की रणनीति के साथ कांग्रेस अब 2027 के रण की पटकथा पंचायत चुनाव से लिखने जा रही है।


