उत्तर प्रदेश: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर अब उत्तर प्रदेश के मैदानी जिलों में साफ नजर आने लगा है। बुधवार सुबह प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे सड़कों से लेकर रेलवे ट्रैक तक विजिबिलिटी बेहद कम हो गई।
प्रदेश का सबसे ठंडा शहर बरेली रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, बाराबंकी में विजिबिलिटी शून्य रिकॉर्ड की गई। कई इलाकों में सड़क पर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था, जिससे वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई।
अयोध्या में स्थित राम मंदिर भी घने कोहरे की चादर में ढका नजर आया। यहां दृश्यता लगभग 300 मीटर तक सिमट गई। सुबह के समय मंदिर का मुख्य ढांचा धुंध में नजर नहीं आया, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन में परेशानी हुई।
गोंडा, गोरखपुर, देवरिया, श्रावस्ती, लखनऊ, रायबरेली और सहारनपुर समेत करीब 25 जिलों में सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। हाईवे पर कई स्थानों पर दृश्यता 10 से 50 मीटर के बीच रही। बाराबंकी-बहराइच रोड, लखनऊ-गोरखपुर हाईवे और स्थानीय सड़कों पर वाहन हेडलाइट जलाकर रेंगते नजर आए।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बर्फबारी के कारण हवाओं की दिशा बदली है, जिससे उत्तर भारत में ठंडी और शुष्क हवाएं पहुंच रही हैं। इसके चलते आने वाले 72 घंटों में रात के साथ-साथ दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है। अनुमान है कि प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
जिलावार स्थिति
बाराबंकी में सुबह रेलवे क्रॉसिंग और चौका घाट इलाके में घना कोहरा रहा, जहां ट्रेनों की रफ्तार भी धीमी करनी पड़ी। श्रावस्ती में भी सुबह के समय विजिबिलिटी लगभग 10 मीटर रही। अयोध्या में हल्के कोहरे के साथ गलन भरी ठंड महसूस की गई।
मेरठ में हालांकि सुबह के समय मौसम अपेक्षाकृत साफ रहा, लेकिन रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। रायबरेली में जिला प्रशासन ने ठंड को देखते हुए रैन बसेरों का निरीक्षण शुरू कर दिया है।
निष्कर्ष:
पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते उत्तर प्रदेश में ठंड और कोहरे का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। अगले कुछ दिनों में शीतलहर और ज्यादा तेज होने की संभावना है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


